मात्रा
तालों में उनकी लम्बाई स्पष्ट करनें वाली इकाई को "मात्रा" कहते हैं ।मात्रा ताल का ही एक हिस्सा है ,क्योंकि मात्राओं के योग से ही समस्त तालों की रचना हुई है । एक -सी लय या चाल में गिनती गिनने को मात्रा कह सकते हैं ।यदि घड़ी की एक सेकंड को हम एक मात्रा मान लें ,तो सोलह सेकंड में तीन ताल का ठेका बन जाएगा ,बारह सेकंड में एकताल का ठेका बन जाएगा और दस सेकंड में झपताल का ठेका बन जाएगा । लय.....ताल में एक क्रिया से दूसरी क्रिया के बीच की विश्रांति का काल ,जो पहली क्रिया का विस्तार है ,"लय" कहलाता है । मुख्य लय तीन प्रकार की होती हैं ...... 1..विलंबित लय 2.....मध्य लय 3...द्रुत लय ..